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पीलिया का आयुर्वेदिक उपचार,पीलिया से बचाव, jaundice Treatment

पीलिया बीमारी को कैसे पहचाने -

पीलिया एक ऐसी बीमारी है जिसमें आँख, शरीर पीली होना शुरू हो जाती है, शरीर कमजोर होने लगता है, पेट ख़राब रहता है.

पीलिया के लक्छण
पीलिया के लक्छण


पीलिया से प्रभावित अंग- जिगर (Liver) 

Liver


उपचार -

पहले दिन शाम को आधा कप मट्ठे में 3 पिंपली ( लंबी पीपर) भिगोएँ। दूसरे दिन सुबह तीनों पीपर को पीस लें और उन्हें आधा कप मट्ठे में मिलाएं और इसे पी लें और एक घंटे तक कुछ भी नहीं खाना चाहिए।

तीसरे दिन सुबह को इसे पीस कर पी ले और यही प्रक्रिया 10 दिन तक करे (3,4, 5, 6, 7, 8, 9, 10, 11, 12,  नग।).
११ वें दिन से उलटी प्रक्रिया का अर्थात 11 वें दिन ११ नग, १२ वें दिन 10 नग और इसे 3 नग तक ले जाएं। (11,10,9,8,7,6,5,4,3 नग)
मै बिलकुल गारंटी से कहता हु की इतने दिनों में आप बिलकुल स्वस्थ हो जायेंगे.
ये उपचार पूरी तरह से आयुर्वेदिक है, इसका कोई दूसरा कोई नुक्सान नहीं  इसका प्रयोग कोई भी इंसान कर सकता है.

पेट को स्वस्थ रखने का उपाय, पेट को स्वस्थ कैसे रखें, Healthy Liver

एहतियात -

इस पूरे प्रक्रिया में केवल खिचड़ी थोड़ी थोड़ी खाये और इसके अलावा कुछ भी न खाए.

स्वस्थ भोजन खाये-

पूरी तरह से स्वस्थ हो जाने के बाद भी चटपटी चीज़ों से परहेज करे, सीजन की सब्जियां और फल खाए.
सब्जियां

ध्यान दें - 

प्लीज इस रेमेडी पर पूरा भरोसा करे इस उपचार से आपको सिर्फ फायदा होगा ।।।।। 

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